5 thoughts on “[पीएमओ] नरेंद्र मोदी का फोन नंबर|पर्सनल मोबाइल नंबर| WhatsApp

  1. आदरणीय “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी” सर मै एक दिव्यांग हुँ मैं बहुत सालों से बीमारी से प्रेशान है मैं पहले बिल्कुल ठीक ठाक थे लेकिन मेरे साथ एक दुर्घटना धटी जिससे कि मेरा पुरा शरीर काम करना बंद कर दिया था ऐक तो गरीबी उस पर इतना बड़ा बीमारी माँ पापा जी ने जहाँ तक हो सका इलाज किये पर ठीक नही हो सकें आप को लिख भी रहे है और आँखों से आसूँ भी अपने आप निकल रहा है जो व्यक्ति(11)सालों से बीमारी के कारण बिस्तर पर परा हो उसके लिए कया आप से मदद कर ठीक होने का आर्शीवाद और मदद करने की कृपा करें हम जब भी आप को सुनते हैं आँखों से आसूँ बहनें लगता है माँ बोलती है कि कया आप तक मेरा पुकार पहुंच पाएगा माँ कहती है तुम भी किसी से नम्मबंर लो और हम फोन करेंगे शायद मदद कर दें

  2. आदरणीय प्रधानमंत्री जी सादर निवेदन है कि प्रार्थी के पिता 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए थे पिता की गौरवपूर्ण शहादत पर सरकार द्वारा मुझे पट्टे की भूमि खसरा संख्या 218 क्षेत्रफल जीरो पॉइंट 1790 है वह खसरा संख्या 218 बटे 724 क्षेत्रफल 0. 0610 है भूमि स्थित ग्राम अमराला परगना जलालाबाद तहसील मोदीनगर जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश दी गई है मैंने अनेकों बार शासन-प्रशासन दो प्रार्थना पत्र इस भूमि की पैमाइश करने तथा तथा क्षेत्रफल पूरा कराने के बाबत दिए हैं किंतु आज तक मेरी किसी ने नहीं सुनी तब प्रार्थना पत्र देता हूं तो क्षेत्रीय लेखपाल तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी और यह कहकर टरका देते हैं कि आपका खेत पूरा नहीं हो सकता यदि उनके अभिलेखों में कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करने का कार्य भी उन्हीं का है इसमें मेरी कोई त्रुटि नहीं है माननीय प्रधानमंत्री जी यह पट्टा हमें पहली सरकार इंदिरा गांधी द्वारा दिया गया था उस समय मैं बहुत छोटा था मेरी मां बहुत सीधी थी और कोई कार्यवाही करने वाला नहीं था प्रधानमंत्री जी हमने आपके पास कम से कम 50 चिट्ठियां भेजी हैं कई ईमेल की है और कई बार फोन भी किया है लेकिन आज तक आप की तरफ से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई हम आपके पास जितनी भी चिट्ठियां भेजते हैं आप उन्हीं को वापस भेज देते हो तहसील वाले कहते हैं आप प्रधानमंत्री के पास चाहे जितनी भी छुट्टियां भेज दो कुछ नहीं होने वाला सर जब सरकार की जमीन होती है तो सरकार उसे किसी भी तरह निकलवा लेती हैं चाहे सड़के तोड़नी हो घर तुड़वाने हो अपनी जमीन तो किसी भी तरह निकलवा लेती है आप पब्लिक का लोन माफ कर देते हो वैसे तो आप जवानों के साथ बॉर्डर पर त्यौहार मनाते हो शहीदों को इंडिया गेट पर श्रद्धांजलि देते हो तो हम भी तो शहीद परिवार से हैं क्या आप हमारे लिए कुछ नहीं कर सकते जहां हमारा पट्टा है अगर वहां हमारा हमारा रकबा पूरा नहीं प्रधान के घर के सामने एलएमसी पड़ी है आप चाहे तो वहां पूरा करवा सकते हो जब हमें यह पट्टा दिया गया है तो इसे पूरा कराने की जिम्मेदारी भी तो होनी चाहिए मैं अनेकों बार इस भूमि की पैमाइश कराकर क्षेत्रफल पूरा कराने की विनती प्रशासनिक अधिकारियों से कर चुका हूं माननीय प्रधानमंत्री जी मैं लाचार होकर आपको यह पत्र लिख रहा हूं अगर हमारी जमीन पूरी नहीं हुई तो हम पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे हमारी उम्मीद सिर्फ और सिर्फ आप हैं हमें आपसे ही न्याय मिलेगा हमारा परिवार आपका आजीवन आभारी रहेगा सर धन्यवाद मेरा नाम युद्धवीर सिंह है मेरे पिताजी का नाम शहीद राजेंद्र सिंह है मैं ग्राम अमराला पोस्ट फरीदनगर जिला गाजियाबाद तहसील मोदी नगर उत्तर प्रदेश का निवासी हूं जय श्री राम जय हिंद

  3. {Adarniye modiji mere pyaare dost bhi,} Mai ak grib student hu .mere two bachche hai mai bhut gribi se dba ja raha hu. ab ish duniyaa me jine ka man nahi krata hai .mai pg kar chuka hu mera age 32 ka krib ho chuka hai .aur mere dono bachche ka ilaj chalta rahta hai. ak ka mirgi ka aur dusra ka gardan me guilty ka ,mai bhut gribi se presan hu. mujhe kisi bhi tarah ka ek job mil jay ya lon mil jaye to mai apne bachche ka ilaj aur behtar shiksha de saku.mai aasha karta hu ki berojgari ko mere pyaare dost jrur dur krenge app gribi ko jarur smjhe ge kyonki apne bhi gribi se yha tak aaya hai. Meri awaj ko jrur suniye ga mere pyare dost modiji .agar aapne kisi bhi trah ka job de dete hai to mere pariwar me khushiyon ki lahar paida ho jayegi. Adarniye modi ji se phir binti karta hu ki gribi ko aap jarur dur krenge , aapka pyaare dost anil kumar paswan village-tetariya post -pirasin ps-dobhi district-gaya category-sc

  4. Adarniye mere pyaare dost modiji , mai bhut gribi se presan hu , mere two bchane hai dono ka ilaj chalta rahta hai. ak ka ilaj mirgi ka to dusara ka gardan me guilty ka . Mai bhut gribi se paresan hu isliye Mai modi ji se binti karta hu ki mere gribi ke bare me smjhe aur kuch upay nikale mai pg kar chuka hu lekin abhi tak mujhe koi job nahi mila h kuch jarur upay nikale mere pyaare dost. apne bhut hi garibi se nikla hai isliye adarniye modiji apako pta hi hai.mai bhut bar letter likha lekin abhi tak koi sujhav Nani aaya hai mai phir se binti krata hu ki mujhe kisi bhi trah ka job mil jaye to mai jrur kr launga, kyuki mai bhut gribi se dba ja raha hu. jhaadu marne wala hi job kyo n ho, agar mai kisi bhi tarah se paisa nahi kmata to mai ish dharti pr nahi ji paunga. kyonki mai bachche aur job sebhut presan hu {he modiji mujhe udhar kare ,apka jiwan bhar mere priwar me apka naam rahega}app bhut hi dayalu hai ak din ish desh ko aap mhan bana denge bhagwa kare aise mahapurusho ka janam ish desh me bar-bar ho aur jyada kya likhu mujhe gribi se bahar nikale . iske liye mai jiwan bhar abhari rahuga.

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